[09/11 12:03 pm] Kush And Love Kumar Gupta: *अयोध्या :कई सालों के इंतजार हुआ खत्म,सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला*
सुप्रीम कोर्ट ने कहा-
विवादित जमीन पर बनेगा राम मंदिर, मस्जिद के लिए दूसरी जगह दी जाएगी 5 एकड़ जमीन
अपील-:कोर्ट के फैसले का सम्मान करें,किसी व्यक्तिविशेष या किसी समुदाय के खिलाप शोशल मीडिया पर विवादित ब्यानबाजी न करे ,फैसले के पक्ष में या विपक्ष में आतिशबाजी या नारेबाजी न करे प्रशासन का सहयोग करे।,
शोशल मीडिया पर पुलिस की विशेष नजर है।
_Marwadi News Group_
[09/11 12:03 pm] Kush And Love Kumar Gupta: *सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अयोध्या में राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया*
*शनिवार, 09 नवम्बर 2019*
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अयोध्या में राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि अयोध्या में भगवान राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया। हिंदू मुख्य गुंबद को ही जन्म का सही स्थान मानते हैं और विवादित स्थल पर ही पूजा करते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी। अदालत ने माना कि वहां पहले मंदिर था। एएसआई की रिपोर्ट को वैध माना और कहा कि खुदाई में जो मिला वह इस्लामिक ढांचा नहीं था
[09/11 12:19 pm] Kush And Love Kumar Gupta: *अयोध्या 👊मामले पर 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 🗣️सुनाया था यह फैसला, तीन हिस्सों में बांटी थी 😱जमीन*
लंबे इंतजार के बाद अयोध्या मामले पर 'सुप्रीम' फैसले का वक्त बस कुछ ही देर में आने वाला है। हालांकि इससे पहले अयोध्या विवाद पर बड़ा फैसला 30 सितंबर 2010 को आया था। उस समय इलाहाबाद हाईकोर्ट की तीन जजों की पीठ ने 2.77 एकड़ की विवादित भूमि को तीन बराबर हिस्सों में बांट दिया था। मुस्लिमों, रामलला और निर्मोही अखाड़े के बीच यह जमीन बांटी गई थी। हालांकि पक्षकार इस फैसले से संतुष्ट नहीं हुए और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 285 पन्नों के अपने फैसले में कई अहम टिप्पणियां की। कोर्ट ने कहा कि यह जमीन एक ऐसा छोटा सा टुकड़ा है, जहां देवता भी पैर रखने से डरते हैं। यह टुकड़ा एक तरह से बारूदी सुरंग की तरह है, जिसे हमने साफ करने की कोशिश की है।
जस्टिस सुधीर अग्रवाल, जस्टिस एसयू खान और जस्टिस धर्मवीर शर्मा की पीठ ने आगे कहा, 'हमें ऐसा न करने की सलाह दी गई थी कि कहीं इस बारूद से आपके परखच्चे न उड़ जाएं। मगर जीवन में जोखिम लेने पड़ते हैं। हम वह फैसला दे रहे हैं, जिसके लिए पूरा देश सांस थामें बैठा है।'
[09/11 5:12 pm] Kush And Love Kumar Gupta: *Ayodhya Verdict: सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर बनेगा अयोध्या में राम मंदिर*
Sat, 09 Nov 2019
सुप्रीम कोर्ट ने वर्षों पुराने अयोध्या विवाद पर शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार को तीन महीने के भीतर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है। अयोध्या में मंदिर का निर्माण बिल्कुल गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर होगा। सोमनाथ मंदिर के लिए भी केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का गठन किया था। विज्ञापन [embedded content] सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर का फिर से निर्माण कराया था। उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए थे। पहली दिसंबर 1995 को भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला माना जाता है। अरब यात्री अल बरूनी ने अपने यात्रा वृतान्त में इसका विवरण लिखा। इससे प्रभावित हो महमूद गजनवी ने 1025 में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया, उसकी सम्पत्ति लूटी और उसे नष्ट कर दिया। इसके बाद गुजरात के राजा भीम और मालवा के राजा भोज ने इसका पुनर्निर्माण कराया। 1297 में जब दिल्ली सल्तनत ने गुजरात पर कब्जा किया तो इसे फिर गिराया गया। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और विनाश का सिलसिला जारी रहा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा-
विवादित जमीन पर बनेगा राम मंदिर, मस्जिद के लिए दूसरी जगह दी जाएगी 5 एकड़ जमीन
अपील-:कोर्ट के फैसले का सम्मान करें,किसी व्यक्तिविशेष या किसी समुदाय के खिलाप शोशल मीडिया पर विवादित ब्यानबाजी न करे ,फैसले के पक्ष में या विपक्ष में आतिशबाजी या नारेबाजी न करे प्रशासन का सहयोग करे।,
शोशल मीडिया पर पुलिस की विशेष नजर है।
_Marwadi News Group_
[09/11 12:03 pm] Kush And Love Kumar Gupta: *सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अयोध्या में राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया*
*शनिवार, 09 नवम्बर 2019*
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अयोध्या में राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि अयोध्या में भगवान राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया। हिंदू मुख्य गुंबद को ही जन्म का सही स्थान मानते हैं और विवादित स्थल पर ही पूजा करते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी। अदालत ने माना कि वहां पहले मंदिर था। एएसआई की रिपोर्ट को वैध माना और कहा कि खुदाई में जो मिला वह इस्लामिक ढांचा नहीं था
[09/11 12:19 pm] Kush And Love Kumar Gupta: *अयोध्या 👊मामले पर 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 🗣️सुनाया था यह फैसला, तीन हिस्सों में बांटी थी 😱जमीन*
लंबे इंतजार के बाद अयोध्या मामले पर 'सुप्रीम' फैसले का वक्त बस कुछ ही देर में आने वाला है। हालांकि इससे पहले अयोध्या विवाद पर बड़ा फैसला 30 सितंबर 2010 को आया था। उस समय इलाहाबाद हाईकोर्ट की तीन जजों की पीठ ने 2.77 एकड़ की विवादित भूमि को तीन बराबर हिस्सों में बांट दिया था। मुस्लिमों, रामलला और निर्मोही अखाड़े के बीच यह जमीन बांटी गई थी। हालांकि पक्षकार इस फैसले से संतुष्ट नहीं हुए और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 285 पन्नों के अपने फैसले में कई अहम टिप्पणियां की। कोर्ट ने कहा कि यह जमीन एक ऐसा छोटा सा टुकड़ा है, जहां देवता भी पैर रखने से डरते हैं। यह टुकड़ा एक तरह से बारूदी सुरंग की तरह है, जिसे हमने साफ करने की कोशिश की है।
जस्टिस सुधीर अग्रवाल, जस्टिस एसयू खान और जस्टिस धर्मवीर शर्मा की पीठ ने आगे कहा, 'हमें ऐसा न करने की सलाह दी गई थी कि कहीं इस बारूद से आपके परखच्चे न उड़ जाएं। मगर जीवन में जोखिम लेने पड़ते हैं। हम वह फैसला दे रहे हैं, जिसके लिए पूरा देश सांस थामें बैठा है।'
[09/11 5:12 pm] Kush And Love Kumar Gupta: *Ayodhya Verdict: सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर बनेगा अयोध्या में राम मंदिर*
Sat, 09 Nov 2019
सुप्रीम कोर्ट ने वर्षों पुराने अयोध्या विवाद पर शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार को तीन महीने के भीतर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है। अयोध्या में मंदिर का निर्माण बिल्कुल गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर होगा। सोमनाथ मंदिर के लिए भी केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का गठन किया था। विज्ञापन [embedded content] सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर का फिर से निर्माण कराया था। उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए थे। पहली दिसंबर 1995 को भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला माना जाता है। अरब यात्री अल बरूनी ने अपने यात्रा वृतान्त में इसका विवरण लिखा। इससे प्रभावित हो महमूद गजनवी ने 1025 में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया, उसकी सम्पत्ति लूटी और उसे नष्ट कर दिया। इसके बाद गुजरात के राजा भीम और मालवा के राजा भोज ने इसका पुनर्निर्माण कराया। 1297 में जब दिल्ली सल्तनत ने गुजरात पर कब्जा किया तो इसे फिर गिराया गया। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और विनाश का सिलसिला जारी रहा।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
Good educational website for you